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श्रव्य माध्यम स्वरूप और विशेषताएं -डॉ संघप्रकाश दुड्डे

श्रव्य माध्यम (Auditory Media) एक ऐसा संचार माध्यम है जिसमें संदेश और सूचना को श्रवण (hearing) द्वारा प्रसारित किया जाता है। इस माध्यम के माध्यम से लोग संदेशों और सूचनाओं को सुनते हैं और उन्हें समझते हैं। श्रव्य माध्यम की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं: सुनाई जाने वाली भाषा: श्रव्य माध्यम में संदेश और सूचना आवाज के माध्यम से पहुंचाई जाती हैं, जिससे इसका मुख्य तत्व सुनाई जाने वाली भाषा होती है। इसलिए श्रव्य माध्यम में व्यक्ति को भाषा के अलावा और किसी भी तरह की उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती। व्यक्ति के लिए सुविधाजनक: श्रव्य माध्यम विशेष रूप से उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो विचारों और भावनाओं को सुनकर समझते हैं। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो विचारों और भावनाओं को पढ़ने या देखने में कठिनाई महसूस करते हैं। लाइव एवं इंटरएक्टिव: श्रव्य माध्यम लाइव एवं इंटरएक्टिव होता है। रेडियो, पॉडकास्ट, संवाद, वॉइस कॉल, लाइव स्ट्रीमिंग इत्यादि के माध्यम से लोग वार्तालाप कर सकते हैं और लाइव प्रसारण सुन सकते हैं। इससे संदेशों को अपडेट करना और संवाद करना अधिक सुविधाजनक होता है। सुनने ...

विभिन्न जनसंचार माध्यमों का परिचय-डॉ संघप्रकाश दुड्डे

जन संचार के लिए विभिन्न माध्यम होते हैं, जिनके माध्यम से संदेश और सूचना को जनता तक पहुंचाया जाता है। यहां, कुछ प्रमुख जनसंचार माध्यमों का परिचय है: अख़बार: अख़बार सबसे पुराना जनसंचार माध्यम है। इसमें समाचार, ख़बरें, अपडेट्स, विचार, और जानकारी प्रकाशित की जाती है। अख़बार विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध होते हैं और लोगों को समाज, राजनीति, आर्थिक, सांस्कृतिक, विज्ञान, और खेल से संबंधित जानकारी प्रदान करते हैं। टीवी: टीवी एक और प्रमुख जनसंचार माध्यम है जो विभिन्न चैनलों के माध्यम से संदेश और सूचना प्रसारित करता है। टीवी द्वारा ख़बरें, समाचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फ़िल्में, और शिक्षाप्रद कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। रेडियो: रेडियो भी जनसंचार का प्रमुख माध्यम है जिसमें संदेश और सूचना सुनाई जाती है। यह एक लोकप्रिय माध्यम है, विशेष रूप से गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में, जहां इंटरनेट और टीवी की न्यूनता होती है। इंटरनेट: इंटरनेट ने जनसंचार के तरीकों में भी क्रांतिकारी बदलाव किया है। इंटरनेट के माध्यम से वेबसाइटें, ब्लॉग, सोशल मीडिया, ईमेल, वॉइस ऑवर आईपी (VoIP), और अन्य आपस...

जनसंचार माध्यम की प्रक्रिया एवं महत्व -डॉ संघप्रकाश दुड्डे

जन संचार की प्रक्रिया और महत्व के बारे में निम्नलिखित विवरण है: जन संचार की प्रक्रिया: संदेश तैयार करना: संचार की प्रक्रिया की शुरुआत संदेश या सूचना को तैयार करने से होती है। संदेश का विषय, सार, और उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए ताकि उसे संदेश प्राप्तकर्ता को सही रूप से पहुंचाया जा सके। संदेश का चयन साधन: जन संचार के लिए विभिन्न संधान होते हैं जैसे अख़बार, टीवी, रेडियो, इंटरनेट, सोशल मीडिया, पोस्टर, विज्ञापन, पंडाल, सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन आदि। संदेश के प्राधिकरण के अनुसार सही संचार साधन चयन करना महत्वपूर्ण है। संदेश प्रेषण: संदेश को चयनित संचार साधन के माध्यम से संदेश प्राप्तकर्ता तक पहुंचाना होता है। संदेश प्रेषण के लिए विभिन्न तकनीक और रचनात्मक उपाय होते हैं जिनसे संदेश प्राप्तकर्ता तक संदेश पहुंचाया जा सकता है। संदेश प्राप्ति: संदेश प्राप्तकर्ता संदेश को प्राप्त करते हैं और उसे समझते हैं। संदेश प्राप्ति के बाद प्राप्तकर्ता को संदेश का उद्देश्य समझने और उसके अनुसार कार्रवाई करने का मौका मिलता है। संदेश के प्रतिसाद: जन संचार का एक महत्वपूर्ण पहलू है संदेश के प्रतिसाद का प्राप्त होना।...

जन संचार का स्वरूप -डॉ संघप्रकाश दुड्डे

जन संचार का स्वरूप विभिन्न तत्वों से मिलकर बनता है जो जनता के बीच संचार के माध्यम से संवाद को संभव बनाते हैं। जन संचार का स्वरूप निम्नलिखित प्रमुख तत्वों पर आधारित होता है: संदेश और सूचना: जन संचार का प्रमुख उद्देश्य संदेशों और सूचनाओं को जनता के पास पहुंचाना होता है। संदेश और सूचनाएं समाज में ज्ञान और जागरूकता बढ़ाती हैं और लोगों को अपने विकास और समृद्धि के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त करने में मदद करती हैं। संवाद: जन संचार एक संवादात्मक प्रक्रिया है जिसमें संदेश भेजने और प्राप्त करने के बीच एक दोस्ताना संवाद होता है। यह जनता को विचारों, विचारधारा, और मूल्यों को साझा करने का एक माध्यम बनता है और इसके माध्यम से लोग एक-दूसरे के साथ संवाद कर सकते हैं। साधन: जन संचार के लिए विभिन्न साधन होते हैं जैसे अख़बार, टीवी, रेडियो, इंटरनेट, सोशल मीडिया, पोस्टर, विज्ञापन, पंडाल, सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन आदि। ये साधन संचार के विभिन्न आयामों में जनता को सूचना और संदेश पहुंचाने में मदद करते हैं। प्राधिकरण: जन संचार के लिए प्राधिकरण भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। संचार के लिए सही साधनों का चयन, संदेश की प्...

जन संचार माध्यम और हिंदी भाषा - जन संचार का अर्थ-

जन संचार माध्यम और हिंदी भाषा -   जन संचार का अर्थ- जन संचार" (Jan Sanchaar) एक हिंदी शब्द है जिसका अर्थ होता है "जनता के बीच संचार"। इसका मतलब है किसी संगठन, सरकार, व्यक्ति या उत्पाद के बारे में सूचना, संदेश, समाचार, अद्यतन और संचार की विभिन्न माध्यमों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का प्रक्रिया या कार्य होता है। जन संचार महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जनता को जागरूक करने, सूचित करने और संबोधित करने का माध्यम होता है। यह संगठन, सरकार या उत्पाद को जनता के साथ संवाद करने और जनता से प्रतिक्रिया प्राप्त करने का माध्यम भी है। जन संचार के माध्यमों में अख़बार, टीवी, रेडियो, इंटरनेट, सोशल मीडिया, पोस्टर, प्लेकार्ड, विज्ञापन, पंडाल, सेमिनार, कार्यशाला, और सम्मेलन आदि शामिल होते हैं। इन माध्यमों के माध्यम से जनता को जानकारी, विचार, नीतियां, और अन्य महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाए जाते हैं। जन संचार का उद्देश्य जनता को सही और उचित जानकारी प्रदान करना होता है ताकि वे समय के साथ विकसित हो सकें और सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, और व्यक्तिगत स्तर पर सुधार कर सकें। जन संचार का माध्यम उच्चतम स्तर से निष्...

उच्च शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा परिवर्तन -डॉ प्रा संघप्रकाश दुड्डे ,संगमेश्वर कॉलेज (स्वायत्त)सोलापुर

प्रस्तावना- उच्च शिक्षा नीति 2020 भारत सरकार द्वारा बनाई गई एक महत्वपूर्ण नीति है /जो भारतीय शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन को लक्ष्य रखती है। यह नीति 29 जुलाई 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत की गई थी। यहां इस नीति की मुख्य बातें हैं: 1. संरचनात्मक परिवर्तन: उच्च शिक्षा नीति 2020 के तहत, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को आपूर्ति और विचारों की स्वतंत्रता में सुधार करने के लिए संरचनात्मक परिवर्तन किए जाने का प्रस्ताव है। 2. ब्राड एडमिशन प्रणाली: नई नीति में ब्राड एडमिशन प्रणाली की सिफारिश की गई है, जिससे छात्रों को विभिन्न विषयों के बीच चयन करने की स्वतंत्रता मिलेगी। 3. बागेश्री बहु-आवर्ती कार्यक्रम: नीति के अंतर्गत, बागेश्री बहु-आवर्ती कार्यक्रम के लिए प्रस्ताव बनाया गया है, जिसका मकसद है महिलाओं को शिक्षा और अनुसंधान में उच्च स्तर पर प्रोत्साहित करना। 4. विदेशी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा उच्च शिक्षा नीति 2020 भारत सरकार द्वारा अपनाई गई है और इसका मुख्य लक्ष्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार करना और उच्च शिक्षा को मूल्यवान बनाना है। यह नीति 2020 में उच्च शिक्षा के कई ...

महात्मा बसवेश्वर जी का वचन साहित्य आज भी प्रासंगिक है-डॉ इरेश स्वामी

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संगमेश्वर महाविद्यालय(स्वायत्त )सोलापुर में महात्मा बसवेश्वर की जयंती राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग समान संधी केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में22 अप्रेल 2023 को ऑनलाइन गूगल मीट पर  आयोजित की गई थी/ प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ इरेश  स्वामी सोलापुर विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति तथा संगमेश्वर एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष के रूप में विराजमान डॉ स्वामी जी ने महात्मा बसवेश्वर जी का वचन साहित्य इस विषय पर अपनी बात रखी आरंभ में प्रधानाचार्य डॉ राजेंद्र देसाई जी ने डॉ इरेश स्वामी जी का शब्द सुमन  द्वारा स्वागत किया/ बाद में समान संधी केंद्र के प्रमुख डॉ संघप्रकाश दुड्डे ने प्रास्ताविक में सामाजिक न्याय पर्व  अभियान के अंतर्गत विविध उपक्रमों की जानकारी दी और प्रमुख अतिथि का परिचय करके दिया / व्याख्यान के आरंभ में डॉ इरेश स्वामी ने अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट किया/ इस व्याख्यान में बुलाने के लिए आयोजक  का भी आभार प्रकट किया/ उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि संगमेश्वर महाविद्यालय की बहुत प्राचीन परंपरा रही है "काय कवे  कैलास" इस ब्रीदवाक्य को लेकर इस महाविद्याल...