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डॉ. संघप्रकाश मारुति दुड्डे: एक विस्तृत जीवन परिचय एवं सर्वांगीण योगदान रिपोर्ट

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डॉ. संघप्रकाश मारुति दुड्डे: एक विस्तृत जीवन परिचय एवं सर्वांगीण योगदान रिपोर्ट 1. परिचय एवं शैक्षणिक योग्यता (Academic Profile) डॉ. संघप्रकाश मारुति दुड्डे संगमेश्वर कॉलेज (स्वायत्त), सोलापुर में हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (HOD) के रूप में कार्यरत एक लब्धप्रतिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता हैं। उनकी अकादमिक यात्रा हिंदी साहित्य के प्रति अगाध निष्ठा और शोधपरक दृष्टिकोण का परिचायक है। योग्यता विवरण नाम डॉ. संघप्रकाश मारुति दुड्डे वर्तमान पद प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (हिंदी विभाग) संस्थान संगमेश्वर कॉलेज (स्वायत्त), सोलापुर शैक्षणिक अर्हता एम.ए. (M.A.), सेट (SET), पी-एच.डी. (Ph.D.) विशेष उपाधि मानद डी.लिट. (D.Litt.), लुसियाना रिसर्च यूनिवर्सिटी, USA 2. २४ वर्षों का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव (Teaching and Administrative Experience) डॉ. दुड्डे के पास शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में २४ वर्षों का दीर्घकालीन और सफल अनुभव है। संगमेश्वर कॉलेज (स्वायत्त) में उनकी आधिकारिक नियुक्ति १९ मार्च २००४ को हुई थी। कॉलेज के सर्वांगीण विकास में उन्होंने विभिन्न उत्तरदायित्वों क...

संगमेश्वर कॉलेज, सोलापुर: ७० वर्षों की गौरवशाली यात्रा और स्वायत्तता का नया अध्याय (संस्थागत विस्तृत रिपोर्ट) डॉ संघप्रकाश दुडडे हिंदी विभाग प्रमुख

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संगमेश्वर कॉलेज, सोलापुर: ७० वर्षों की गौरवशाली यात्रा और स्वायत्तता का नया अध्याय (संस्थागत विस्तृत रिपोर्ट) विवरण: यह रिपोर्ट संगमेश्वर कॉलेज के सात दशकों के शैक्षणिक इतिहास, इसकी स्वायत्तता की उपलब्धि, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के सफल क्रियान्वयन और भविष्योन्मुखी विजन का एक प्रामाणिक दस्तावेज़ है। १. विरासत और स्थापना: 'कायकवे कैलास' का संकल्प संगमेश्वर कॉलेज की स्थापना सोलापुर के शैक्षिक मानचित्र पर एक युगांतकारी घटना थी। जून १९५३ में, दो दूरदर्शी महापुरुषों, स्व. श्री नागप्पा बी. काड़ादी और स्व. श्री मडेप्पा बी. काड़ादी ने इस संस्थान की आधारशिला रखी। सोलापुर के ऐतिहासिक 'सात रस्ता चौक' (Saat Rasta Chowk) पर स्थित यह परिसर पिछले सात दशकों से उच्च शिक्षा के जीवंत साक्षी (Testimony) के रूप में 'शानदार और शांत' (Splendid and Serene) खड़ा है। 'कन्नड़ भाषाई अल्पसंख्यक' (Kannada Linguistic Minority) दर्जे के साथ, यह संस्थान अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आधुनिक वैश्विक दृष्टिकोण के बीच एक सेतु का कार्य करता है। "ज्ञान की कि...

पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी (PES): डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की शैक्षणिक और सामाजिक विरासत - एक विस्तृत ऐतिहासिक रिपोर्ट-डॉ संघप्रकाश दुडडे MA,Phd,SET,D Liitt

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पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी (PES): डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की शैक्षणिक और सामाजिक विरासत - एक विस्तृत ऐतिहासिक रिपोर्ट 1. प्रस्तावना: स्थापना और संस्थापक का दृष्टिकोण पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी (PES) की स्थापना 8 जुलाई 1945 को आधुनिक भारत के प्रखर चिंतक और महान शिक्षाविद् डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा की गई थी। एक ऐतिहासिक शोधकर्ता के रूप में यह रेखांकित करना आवश्यक है कि इस संस्था की नींव एक ऐसे कालखंड में रखी गई थी जब दलितों, पिछड़ों और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिए उच्च शिक्षा की राह में गंभीर सामाजिक और संरचनात्मक बाधाएं मौजूद थीं। डॉ. आंबेडकर का दृष्टिकोण केवल साक्षरता या व्यावसायिक योग्यता तक सीमित नहीं था। उन्होंने इस संस्था के ध्येय को स्पष्ट करते हुए कहा था कि पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी का उद्देश्य "केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि 'सामाजिक लोकतंत्र' (Social Democracy) का निर्माण करना है।" उनके अनुसार, शिक्षा वह आधारशिला है जो दमित वर्गों में राजनीतिक चेतना और मानवीय गरिमा जागृत कर उन्हें आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र का सक...