मेरी रूस यात्रा (अण्णा भाऊ साठे मूल कृति - अनुवादक: प्रो. डॉ. सदानंद भोसले): एक समीक्षात्मक शोध आलेख
मेरी रूस यात्रा (अण्णा भाऊ साठे मूल कृति - अनुवादक: प्रो. डॉ. सदानंद भोसले): एक समीक्षात्मक शोध आलेख प्रो.डॉ.संघप्रकाश दुड्डे हिंदी विभाग प्रमुख संगमेश्वर कॉलेज सोलापुर(स्वायत्त) smdudde@gmail.com 9766997174 प्रस्तावना लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे मराठी साहित्य के एक असाधारण व्यक्तित्व थे। मात्र डेढ़ दिन स्कूल देख चुके इस लेखक ने अपनी लेखनी के बल पर महाराष्ट्र के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी और अपने साहित्य के माध्यम से दलित, शोषित और मेहनतकश जनता की आवाज़ बने। उनकी पुस्तक ‘माझा रशियाचा प्रवास’ (मेरी रूस यात्रा) केवल एक यात्रा वृत्तांत नहीं है, बल्कि एक विचारक का दृष्टिकोण, एक कलाकार की अवलोकन शक्ति और एक इंसान की मानवीयता का संगम है। प्रो. डॉ. सदानंद भोसले द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद ‘मेरी रूस यात्रा’ इस कृति के दायरे को बढ़ाता है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा प्रदान करता है। यह शोध आलेख इस कृति के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सामाजिक संदर्भों का पता लगाते हुए, इस हिंदी अनुवाद के योगदान की समीक्षा भी करता है। ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ अण्णा भाऊ साठे विचारधारा से साम्यवादी थ...