'साधु सिंह' (कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर' द्वारा) रेखाचित्र की समीक्षा
'साधु सिंह' (कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर' द्वारा) रेखाचित्र की समीक्षा कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर' (1906-1995) हिंदी के प्रमुख निबंधकार, रेखाचित्रकार एवं पत्रकार थे। उनका रेखाचित्र 'साधु सिंह' एक विशिष्ट चरित्र-चित्रण है, जो सामाजिक मानदंडों से हटकर एक स्वतंत्रचेता, विलक्षण व्यक्तित्व को प्रस्तुत करता है। 1. विषय-वस्तु एवं चरित्र: · यह रेखाचित्र साधु सिंह नामक एक ऐसे व्यक्ति का जीवंत चित्रण है जो बाहरी रूप से साधारण, परंतु आंतरिक रूप से असाधारण दार्शनिक दृष्टि रखता है। · वह पारंपरिक 'साधु' या 'संत' की परिभाषा पर खरा नहीं उतरता, बल्कि एक सांसारिक साधु है जो गृहस्थी में रहते हुए भी आध्यात्मिक ऊँचाई रखता है। · उसका जीवन सरलता, ईमानदारी, निर्भीकता और आत्मसन्तोष का प्रतीक है। 2. शिल्पगत विशेषताएँ: · रेखाचित्र की संरचना: मिश्र जी ने साधु सिंह के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को छोटे-छोटे प्रसंगों के माध्यम से उभारा है। रेखाचित्र आत्मकथ्य शैली में लिखा गया प्रतीत होता है, जिसमें लेखक का साधु सिंह के साथ सान्निध्य झलकता है। · भाषा-शैली: · सहज, व्...