सम्राट अशोक का प्राचीन राज महल पाटलिपुत्र
सम्राट अशोक के महल के अवशेष पटना के कुमरहर (Kumhrar) में स्थित हैं। यह वह स्थल है जहाँ प्राचीन पाटलिपुत्र की खुदाई हुई थी । 📍 वर्तमान स्थिति और हालिया गतिविधियाँ आज यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। हाल के वर्षों में यहाँ बड़े बदलाव हुए हैं: · दशकों तक दफन रहा महल: 2004 में भूजल रिसाव से बचाने के लिए प्रसिद्ध 80-स्तंभों वाले सभागार को रेत और मिट्टी से ढक दिया गया था । · पुनः उत्खनन शुरू: दिसंबर 2024 में ASI ने 20 साल बाद इस सभागार के एक हिस्से को "अनकवर करने" (unravelling) की प्रक्रिया शुरू की है। यह धीरे-धीरे स्तंभों को फिर से खोदकर बाहर निकालने की प्रक्रिया है । 🗿 उत्खनन का इतिहास और प्रमुख खोजें यहां की खुदाई सदियों पुरानी है, जिसमें 600 ईसा पूर्व से लेकर 600 ईसवी तक के चार सांस्कृतिक काल मिले हैं : · पहली खुदाई (1912-1915): अमेरिकी पुरातत्वविद् डी.बी. स्पूनर ने एक चमकदार पत्थर का स्तंभ और कई टुकड़े खोजे । · दूसरी खुदाई (1951-1955): के.पी. जायसवाल ने शोध संस्थान के तहत खुदाई कर कुल 80 स्तंभों के स्थानों का पता लगाया, जिससे इसे असेंबली हॉल ऑफ 80 प...