. डॉ बी.आर. आंबेडकर की 11-दिवसीय तीर्थयात्रा का सुंदर ओवरव्यू (20–30 नवंबर 1956) प्रस्तुति डॉ संघप्रकाश दुडडे
डॉ. बी.आर. आंबेडकर की 11-दिवसीय तीर्थयात्रा का सुंदर ओवरव्यू (20–30 नवंबर 1956) काठमांडू में आयोजित चौधें विश्व बौद्ध सम्मेलन के तुरंत बाद, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने जीवन के अंतिम दिनों (देहत्याग से मात्र छह दिन पूर्व) में भारत और नेपाल के चार प्रमुख बौद्ध पवित्र स्थलों की एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा ( चितियाचारिका ) पूरी की । इस यात्रा में उनकी पत्नी डॉ. सविता आंबेडकर, प्रो. एम.बी. चिटनिस और श्री बी.एच. वराले उनके साथ थे । यात्रा की प्रमुख ऐतिहासिक रूपरेखा: दिन 1 (20 नवंबर - लुंबिनी) : काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा लुंबिनी पहुँचे । महामाया मंदिर में पंचांग प्रणाम और ध्यान के बाद वे सम्राट अशोक के स्तंभ के पास गए और भावविभोर होकर स्तंभ को गले लगाया । अशोक कालीन स्वर्णिम युग को याद करते हुए उनकी आँखों से आंसू बह निकले । दिन 2 (21 नवंबर - पटना से गया) : पटना में बिहार के तत्कालीन राज्यपाल आर.आर. दिवाकर के साथ भोजन करने के बाद शाम को गया पहुँचे । कड़ाके की ठंड में अपने सहयोगियों के प्रति करुणा दिखाते हुए उन्होंने सभी को अपने ही कमरे...