उदय प्रकाश: जीवन परिचय

उदय प्रकाश: जीवन परिचय

उदय प्रकाश (जन्म: 1 जनवरी, 1952) हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार, कवि, पत्रकार, अनुवादक, पटकथा लेखक एवं सामाजिक चिंतक हैं। वे समकालीन हिंदी साहित्य की एक प्रमुख और विशिष्ट आवाज़ हैं, जिनकी रचनाएँ यथार्थ के जादुई आवरण और गहन सामाजिक-राजनीतिक टिप्पणी के लिए विख्यात हैं। उनकी कहानियाँ और उपन्यास वैश्वीकरण, पूँजीवाद और साम्राज्यवाद के युग में मानवीय मूल्यों के संकट को बहुत ही कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

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प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा:

· जन्म: 1 जनवरी, 1952 को सीतापुर, अनूपपुर जिला, मध्य प्रदेश (वर्तमान छत्तीसगढ़) में।
· शिक्षा: उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. और पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उनकी पीएच.डी. का विषय था – "हिंदी में जनवादी कविता और नागार्जुन"।

कार्यक्षेत्र:

· उन्होंने दूरदर्शन में नौकरी की और साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे जनसत्ता, दैनिक भास्कर और हिंदुस्तान जैसे प्रमुख समाचार पत्रों से जुड़े रहे।
· उन्होंने इग्नू (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) में अध्यापन भी किया।
· वे भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) से जुड़े रहे और सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की।

साहित्यिक विशेषताएँ एवं रचना-संसार:

1. भाषा एवं शिल्प:
   · उनकी रचनाओं की भाषा अत्यंत बिंबात्मक, प्रतीकात्मक और नवीन भाषाई प्रयोगों से समृद्ध है। वे जादुई यथार्थवाद (Magical Realism) के मास्टर माने जाते हैं।
   · उनकी शैली में गहन विडंबना, कल्पना का प्रवाह और यथार्थ की कठोर पकड़ का अनूठा सम्मिश्रण है।
   · वे लोककथाओं, मिथकों और समकालीन विज्ञान को एक साथ गूँथकर नई कथा-भूमि रचते हैं।
2. विषय-वस्तु:
   · वैश्वीकरण का विरोधाभास: उनकी रचनाएँ बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बाजारवाद, बौद्धिक संपदा के अधिकार और सांस्कृतिक उपनिवेशवाद की जटिलताओं को उजागर करती हैं।
   · शोषण और हाशिए का जीवन: वे आदिवासी, ग्रामीण और शहरी गरीबों के संघर्ष, उनकी स्मृतियों और उनके अधिकारों के कवि-कथाकार हैं।
   · इतिहास का पुनर्पाठ: उनकी रचनाएँ औपनिवेशिक इतिहास-लेखन और राष्ट्र-राज्य की अवधारणा पर प्रश्न उठाती हैं।
   · प्रकृति और पर्यावरण: उनकी कई रचनाओं में प्रकृति के विनाश की चिंता केंद्रीय है।
3. प्रमुख कृतियाँ:
   · उपन्यास:
     · 'पीली छतरी वाली लड़की' (2015) – इस उपन्यास के लिए उन्हें व्यास सम्मान (2016) मिला।
     · 'मोहनदास' (2006) – यह उनका सबसे चर्चित उपन्यास है, जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो अपना नाम और पहचान खो देता है। यह पहचान, इतिहास और सत्ता की जटिलताओं पर एक उत्कृष्ट कृति है।
   · कहानी संग्रह:
     · 'दत्तात्रेय के दुख' (1997)
     · 'पॉल गोमरा का स्कूटर' (1997) – इस संग्रह की शीर्षक कहानी बेहद प्रसिद्ध है।
     · 'और अंत में प्रार्थना' (2001)
     · 'मैंगोसिल' (2016)
   · कविता संग्रह:
     · 'एक भाषा हुआ करती है'
     · 'सुनो कारीगर'
   · यात्रा वृत्तांत: 'ईश्वर की आँख' (लद्दाख यात्रा)।
   · अनुवाद: उन्होंने गैब्रिएल गार्सिया मार्ख़ेस, फेदेल कास्त्रो, ऑक्टेवियो पाज़ सहित अनेक लातिन अमेरिकी और विश्व लेखकों की कृतियों का हिंदी में अनुवाद किया है।
4. प्रसिद्ध पंक्तियाँ (उद्धरण):
   · "एक भाषा हुआ करती है / कभी माँ की गोदी सी गरम / कभी बिस्तर सी नरम..." ('एक भाषा हुआ करती है' से)।
   · "जो नहीं बदलते / उनकी हार होती है / जो बदल जाते हैं / उनका अस्तित्व ही नहीं रहता।"

पुरस्कार एवं सम्मान:

· साहित्य अकादमी पुरस्कार (2010): कहानी संग्रह 'दत्तात्रेय के दुख' के लिए (हालाँकि उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया था)।
· व्यास सम्मान (2016): उपन्यास 'पीली छतरी वाली लड़की' के लिए।
· शरद जोशी सम्मान।
· मुक्तिबोध पुरस्कार।
· पद्मश्री (2021): साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए।

विशेष योगदान:

· उदय प्रकाश ने हिंदी कथा साहित्य को वैश्विक परिप्रेक्ष्य और जादुई यथार्थवाद की नई भाषा दी।
· वे साहित्य को सामाजिक-राजनीतिक हस्तक्षेप का माध्यम मानते हैं और अपनी रचनाओं में नव-उदारवादी आर्थिक नीतियों की कठोर आलोचना करते हैं।
· उनकी रचनाएँ पारंपरिक और आधुनिक, स्थानीय और वैश्विक के बीच एक जीवंत सेतु का काम करती हैं।

निष्कर्ष:

उदय प्रकाश समकालीन हिंदी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण और प्रयोगधर्मी रचनाकारों में से एक हैं। उनकी कलम से निकली हर रचना एक जटिल, बहुआयामी और चुनौतीपूर्ण कला-कृति है, जो पाठक को न सिर्फ मनोरंजन करती है बल्कि उसे ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर विचार करने के लिए विवश भी करती है। वे अपनी अनूठी शैली, गहन विषयवस्तु और सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण हिंदी साहित्य की एक अमिट पहचान हैं।

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