नाणेघाट (पुणे/जुन्नर) का ब्राह्मी शिलालेख प्रस्तूति डॉ संघप्रकाश दुड्डे संगमेश्वर कॉलेज सोलापुर MA,SET,ph,.d.D.Litt
नाणेघाट (पुणे/जुन्नर) का ब्राह्मी शिलालेख (Naneghat Inscription) भारत और विशेष रूप से महाराष्ट्र के प्राचीन इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। यह शिलालेख पुणे जिले के जुन्नर के पास नाणेघाट की एक प्राकृतिक गुफा (प्रतिमागृह) में उकेरा गया है। १. लिपि और भाषा लिपि: प्राचीन ब्राह्मी लिपि (Brahmi Script). भाषा: प्राकृत भाषा (Prakrit Language - प्राकृत महाराष्ट्री का प्रारंभिक रूप). कालखंड: ईसा पूर्व पहली शताब्दी (लगभग २२०० वर्ष पूर्व का सातवाहन काल). २. शिलालेख की रचना एवं मुख्य विषय यह शिलालेख सातवाहन सम्राज्ञी रानी नागनिका (नायनिका) द्वारा उकेरवाया गया था। अपने पति राजा प्रथम सातकर्णी के निधन के पश्चात, अपने अल्पवयस्क पुत्र वेदिसिरी के शासनकाल में राज्य संचालन करते हुए उन्होंने इस वीरता और यज्ञों का विवरण दीवारों पर अंकित करवाया। A. मंगलाचरण (देवताओं की स्तुति) शिलालेख की शुरुआत धार्मिक आह्वान से होती है, जिसमें वैदिक और हिंदू देवताओं की वंदना की गई है: धर्म (Dharma),...