राजेश जोशी: जीवन परिचय
राजेश जोशी: जीवन परिचय
राजेश जोशी (जन्म: १९ जुलाई, १९४६) हिंदी के प्रसिद्ध कवि, पत्रकार, अनुवादक और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं। वे समकालीन हिंदी कविता के एक प्रमुख और प्रतिबद्ध हस्ताक्षर माने जाते हैं, जिनकी रचनाएँ सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाओं और गहन दार्शनिकता का अनूठा संगम हैं।
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प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा:
· जन्म: १९ जुलाई, १९४६ को नयागाँव, सागर जिला, मध्य प्रदेश में।
· शिक्षा: उन्होंने ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया, लेकिन रुचि साहित्य में होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर सागर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. किया।
· बाद में उन्होंने पत्रकारिता को अपने अभिव्यक्ति के मुख्य माध्यम के रूप में चुना।
कार्यक्षेत्र:
· उन्होंने दिनमान, रविवार और जनसत्ता जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में काम किया और एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में ख्याति अर्जित की।
· वे साहित्यिक और सामाजिक आंदोलनों से गहरे जुड़े रहे हैं।
साहित्यिक विशेषताएँ एवं रचना-संसार:
1. काव्य भाषा एवं शिल्प:
· उनकी कविता की भाषा सहज, तर्कसंगत और अत्यंत प्रभावशाली है। वे जटिल से जटिल विचार को भी स्पष्ट और काव्यात्मक ढंग से कहने में सिद्धहस्त हैं।
· उनकी शैली में गहरी संवेदनशीलता और बौद्धिकता का सामंजस्य है। वे अमूर्त दार्शनिक विचारों को मूर्त और जीवंत बिंबों में ढाल देते हैं।
· वे मुक्त छंद के प्रसिद्ध कवि हैं, जिनकी लय और आंतरिक संगीत पाठक को बाँध लेता है।
2. विषय-वस्तु:
· सामाजिक सरोकार: उनकी कविताएँ आम आदमी के दैनिक संघर्ष, राजनीतिक विसंगतियों, बाजारवाद के प्रभाव और पर्यावरणीय चिंताओं से जुड़ी हैं।
· मानवीय संवेदना का चित्रण: प्रेम, अकेलापन, मृत्यु-बोध और जीवन की नश्वरता जैसे सार्वभौमिक विषयों को उन्होंने नए अंदाज में व्यक्त किया है।
· दार्शनिक पक्ष: उनकी रचनाओं में जीवन के अर्थ, समय और अस्तित्व जैसे गंभीर प्रश्नों की गूँज सुनाई देती है।
3. प्रमुख कृतियाँ:
· कविता संग्रह:
1. 'एक दिन बोलेंगे पेड़' (१९८१) – यह उनका पहला और अत्यंत चर्चित संग्रह है, जिसमें प्रकृति और मनुष्य के रिश्ते को नए सिरे से परिभाषित किया गया है।
2. 'मिट्टी का चेहरा' (१९८६)
3. 'नेपथ्य में हँसी' (१९९४)
4. 'दो पंक्तियों के बीच' (२०००)
5. 'कोई दूसरा नहीं' (२०१३) – इसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
· बाल साहित्य: उन्होंने बच्चों के लिए भी कविताएँ और कहानियाँ लिखी हैं।
· आलोचना एवं निबंध: साहित्य और संस्कृति पर उनके विचारात्मक लेख भी प्रकाशित हुए हैं।
· अनुवाद: उन्होंने विश्व साहित्य (विशेषकर लातिन अमेरिकी कविता) के अनुवाद भी किए हैं।
प्रसिद्ध पंक्तियाँ (उद्धरण):
· "एक दिन बोलेंगे पेड़ / अभी नहीं तो कल बोलेंगे पेड़" (शीर्षक कविता से)।
· "हम जिसे कहते हैं फूल / वही तो किसी का चेहरा है / किसी की आँख का रंग है / किसी के होठों की कोर है" ('मिट्टी का चेहरा' से)।
पुरस्कार एवं सम्मान:
· साहित्य अकादमी पुरस्कार (२०१७): कविता संग्रह 'कोई दूसरा नहीं' के लिए।
· शमशेर सम्मान।
· पहल सम्मान।
· केदार सम्मान।
· मध्य प्रदेश सरकार का शिखर सम्मान (२०२२)।
विशेष योगदान:
· राजेश जोशी ने हिंदी कविता को एक नया सौंदर्यबोध और बौद्धिक विस्तार दिया है।
· उनकी कविताएँ मानवीय एकता और प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश देती हैं।
· वे एक ऐसे रचनाकार हैं जिन्होंने पत्रकारिता की ईमानदारी और साहित्य की संवेदनशीलता को सफलतापूर्वक जोड़ा है।
निष्कर्ष:
राजेश जोशी समकालीन हिंदी कविता के एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ हैं। उनकी कविता पाठक से केवल भावनात्मक स्तर पर ही नहीं, बल्कि बौद्धिक स्तर पर भी संवाद स्थापित करती है। वे मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय और प्रकृति के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएँ हमें एक बेहतर दुनिया के सपने देखने और उसके लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देती हैं।
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