सगुण भक्ति धारा के प्रमुख तत्व:
, सगुण भक्ति धारा को स्पष्ट रूप से समझाते हैं। सगुण भक्ति धारा भारतीय भक्ति आंदोलन की वह शाखा है जो ईश्वर को सगुण (गुणों वाला) और साकार (मूर्त रूप वाला) मानकर उसकी भक्ति पर बल देती है। इस धारा के अनुयायी ईश्वर के विभिन्न रूपों जैसे राम, कृष्ण, विष्णु, शिव, दुर्गा आदि की पूजा-आराधना करते हैं। यह धारा निर्गुण भक्ति धारा से इस मायने में भिन्न है कि यहाँ भक्त के लिए ईश्वर को एक स्पष्ट, मूर्त और लीलाओं वाला रूप दिया जाता है, जिससे भक्त का मन आसानी से एकाग्र हो सके। सगुण भक्ति धारा के प्रमुख तत्व: 1. साकार ईश्वर की उपासना: इस धारा का मूल आधार यह है कि ईश्वर अनंत गुणों से युक्त है और वह मनुष्य के कल्याण के लिए अवतार लेता है। इसलिए राम, कृष्ण आदि के रूप में उनकी पूजा की जाती है। 2. लीला का महत्व: सगुण भक्ति में ईश्वर के अवतारों की लीलाओं (क्रियाओं और चमत्कारों) का बहुत महत्व है। इन लीलाओं के गुणगान से भक्त का प्रेम और विश्वास बढ़ता है। 3. भक्ति के विविध रूप: इस धारा में भक्ति के विभिन्न भावों या रूपों को स्वीकार किया गया है, जैसे: · दास्य भाव (सेवक का भाव): हनुमान जी का राम के प्रत...